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एक नयी कहानी शुरू हुई
उसी जगह
जहाँ दफ़न की गयी थी
पुरानी कहानी, जिंदा
यूँ ही नही आते
ये जलजले ये तूफान
शायद वही दफ़न कहानी
तड़पती होगी तरसती होगी

 

Ashwini Sharma

मौसम

जो भी ताल्लुक था मिटा दिया गया
मज़ा-ए-गुफ्तगू तक भुला दिया गया

असमंजस मे तो इसलिए हैं अभी तक
जो कभी था ही नही कैसे चला गया

कौन निभाता है साथ मौत आने तक
वो आया और हवा की तरह चला गया

मैं अभी उसी बरसात मे भीग रहा हूँ
वो तो मौसम था बदलता चला गया

 

Ashwini Sharma